नई दिल्ली: मन की बात- 133वें एपिसोड में बोले PM मोदी- जनगणना दुनिया का सबसे बड़ा अभियान, अब तक 1 करोड़ 20 लाख घरों की लिस्टिंग हुई

              नई दिल्ली: पीएम मोदी ने रविवार को प्रसारित ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में जनगणना का जिक्र किया। पीएम ने कहा- हमारे देश में इस समय एक बहुत अहम अभियान चल रहा है, जिसके बारे में हर भारतीय को जानकारी होनी जरूरी है।

              ये है जनगणना का अभियान, यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है। जो साथी पहले से इस तरह की प्रक्रिया से गुजरे हैं, इस बार जनगणना का उनका अनुभव, अलग होने वाला है।

              पीएम ने कहा- जिन राज्यों में स्व-गणना का काम पूरा हो गया है, वहां घरों की लिस्टिंग का काम जारी है। अब तक लगभग 1 करोड़ 20 लाख परिवारों के मकान की लिस्टिंग का काम पूरा भी हो चुका है।

              पीएम के मन की बात में 6 बड़ी बातें…

              जनगणना में आपकी भागीदारी आसान बनाई गई है: आप खुद भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। कर्मचारी के आने से 15 दिन पहले आपके लिए सुविधा शुरू होगी। आप अपने समय के अनुसार जानकारी भर सकते हैं। जब आप प्रक्रिया पूरी करते हैं, तो आपको एक विशेष आईडी मिलती है। ये आईडी आपके मोबाइल या ईमेल पर आती है। बाद में जब कर्मचारी आपके घर आता है, तो आप यही आईडी दिखाकर जानकारी की पुष्टि कर सकते हैं। इससे दोबारा जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ती।

              बुद्ध का संदेश आज भी अहम: आज भी मई महीने की शुरुआत एक पावन अवसर के साथ होने जा रही है। कुछ ही दिनों में हम बुद्ध पूर्णिमा मनाएंगे। मैं आप सभी देशवासियों को अपनी अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं। भगवान गौतम बुद्ध का जीवन संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने हमें सिखाया है कि शांति हमारे भीतर से शुरु होती है, उन्होंने बताया है कि स्वयं पर विजय सबसे बड़ी विजय होती है।

              पर्यावरण संरक्षण के बड़े सुंदर प्रतीक: कच्छ के रण में बरसात खत्म होते ही यहां की धरती जीवंत हो जाती है। हर साल लाखों फ्लेमिंगो यहां आते हैं। पूरा इलाका गुलाबी रंग से रंग जाता है, इसलिए इसे ‘Flamingo City’ कहा जाता है । ये पक्षी यहीं घोसलें बनाते हैं और अपने बच्चों को बड़ा करते हैं। कच्छ के लोग इन्हें ‘लाखा जी के बाराती’ कहते हैं। अब लाखा जी के ये बाराती कच्छ में पर्यावरण संरक्षण के बड़े सुंदर प्रतीक बन गए हैं।

              विंड एनर्जी में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा: आज पवन-शक्ति भारत के विकास की नई कहानी लिख रही है। भारत ने हाल ही में पवन-ऊर्जा यानि विंड एनर्जी में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब भारत का विंड एनर्जी जनरेशन कैपेसिटी 56 गीगावॉट से अधिक हो चुकी है। पिछले एक साल में ही करीब 6 गीगावॉट नई क्षमता जुड़ी है। विंड एनर्जी में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया भी हमारी तरफ देख रही है।

              भारत के विकास के लिए पवन ऊर्जा जरूरी: गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान देश के अनेक राज्य इस सेक्टर में अपना परचम लहरा रहे हैं। गुजरात के कच्छ, पाटन, बनासकांठा जैसे क्षेत्र जहां पहले सिर्फ रेगिस्तान नजर आता था। आज वहां बड़े रिन्यूएबल एनर्जी पार्क बन रहे हैं। इसका लाभ युवाओं को मिल रहा है, नए अवसर बन रहे हैं, नई स्किल्स विकसित हो रही हैं, रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं। साथियो, भारत के विकास के लिए सौर और पवन ऊर्जा जरूरी हैं।

              पूरे नॉर्थईस्ट में बंबू सेक्टर फल-फूल रहा है: अंग्रेजों के बनाए कानून के हिसाब से बांस को पेड़ के रूप में परिभाषित किया गया था और इससे जुड़े नियम बहुत कड़े थे। कहीं पर भी बांस को ले जाना बहुत मुश्किल था। ऐसे में यहां के लोग बांस से जुड़े काम-धंधे से दूर होते गए। साथियो, साल 2017 में कानून में बदलाव करके हमने बांस को पेड़ की कैटेगरी से बाहर किया। जिसके नतीजे सबके सामने हैं। आज पूरे नॉर्थईस्ट में बंबू सेक्टर फल-फूल रहा है।


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