मध्य प्रदेश: सतना सेंट्रल जेल की सहायक अधीक्षक फिरोजा खातून ने हत्या के मामले में सजा काट चुके धर्मेंद्र (अभिलाष) नाम के युवक से हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। 5 मई को छतरपुर जिले के लवकुश नगर में हुए इस विवाह की पूरे इलाके में चर्चा है।
अभिलाष उम्रकैद की सजा काट चुका है। करीब 4 साल पहले जेल से रिहा हुआ था। फिरोजा के मुस्लिम परिजन इस रिश्ते से नाराज थे। वे शादी में शामिल नहीं हुए। ऐसे में सतना विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष राजबहादुर मिश्रा ने सपत्नीक माता-पिता के रूप में कन्यादान कराया। इस दौरान बजरंग दल के लोग भी मौजूद थे।
देखिए शादी की तस्वीरें…

सतना सेंट्रल जेल की सहायक अधीक्षक फिरोजा खातून ने की शादी।

हत्या के केस में उम्रकैद की सजा काट चुके युवक संग रचाई शादी।

शादी के जोड़े में वरमाला के लिए मंच की ओर जाते दूल्हा-दुल्हन।

5 मई को छतरपुर जिले के लवकुश नगर में विवाह हुआ।

सतना विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष राजबहादुर मिश्रा (भगवा कुर्ते में) ने कन्यादान किया है।

हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कराया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ विवाह
लवकुश नगर में दोनों का विवाह वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ। शादी की खबर सामने आने के बाद सतना जेल के अधिकारियों, कर्मचारियों और कैदियों ने भी नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दीं।
यह शादी इलाके में प्रेम, सामाजिक बंधनों और धर्म से ऊपर उठकर लिए गए फैसले को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है।

सतना जेल में पदस्थापना के दौरान फिरोजा खातून वारंट इंचार्ज का काम संभाल रही थीं।

धर्मेंद्र उर्फ अभिलाष और जेल अफसर फिरोजा खातून की शादी का कार्ड।
जेल में वारंट के काम के दौरान हुई थी मुलाकात
जानकारी के मुताबिक, सतना जेल में पदस्थापना के दौरान फिरोजा खातून वारंट इंचार्ज का काम संभाल रही थीं। उसी दौरान हत्या के मामले में सजा काट रहे अभिलाष भी जेल के भीतर वारंट संबंधी काम करते थे।
इस दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे दोस्ती और फिर प्रेम संबंध में बदल गई। अभिलाष के जेल से रिहा होने के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला लिया।
2007 के चर्चित हत्याकांड में मिली थी उम्रकैद
अभिलाष छतरपुर जिले के चंदला का रहने वाला है। वर्ष 2007 में चंदला नगर परिषद के तत्कालीन उपाध्यक्ष कृष्णदत्त दीक्षित की हत्या कर शव जमीन में दफनाने के मामले में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। करीब 14 साल जेल में रहने के बाद अच्छे आचरण के आधार पर उसे रिहा कर दिया गया था।

(Bureau Chief, Korba)



