अय्याशी करने बने चोर, बकरा, राशन तक चुराते थे… कार में घूमते, उसी से चोरी करने जाते; पकड़े गए तो गाड़ी से मिले आपत्तिजनक सामान

        गरियाबंद: जिले में कुछ युवक अय्याशी करने के लिए चोर बन गए। उन्होंने गांव और आस-पास के इलाकों में चोरी करना शुरू कर दिया। चोरी के पैसे से कार भी खरीद ली। उसी से घूमते, दूसरे राज्य में चोरी करने भी इसी गाड़ी से जाते थे। मगर इस बार लोगों ने पकड़ लिया और पूरे गांव के लोग इन्हें पुलिस के हवाले करने पहुंचे। मामला देवभोग थाना क्षेत्र का है।

        पुलिस ने इस मामले में कैटपदर निवासी इशो नागेश(22), कुंजल नागेश (26) और हेमंत नेताम को गिरफ्तार किया है। इन्होंने गांव में कई घरों से चोरी की थी। ये घर से दाल, चावल, बकरा पैसा जो मिलता वही चुरा लेते थे। फिर इसे बेचकर अय्याशी करते थे। गांव के लोगों को पता भी था। मगर वे लोग बदनामी के डर से पुलिस को नहीं बता रहे थे। यही वजह थी कि इनकी हिम्मत बढ़ती चली गई।

        आरोपियों ने 80 हजार में कार फाइनेंस करवाई थी।

        आरोपियों ने 80 हजार में कार फाइनेंस करवाई थी।

        गांव में फिर चोरी की

        बताया गया कि शनिवार रात को इन्होंने कैटपदर गांव में ही एक घर से 10 हजार नगद उ़ड़ा लिए थे। इसके बाद उसी रात कार से ही पड़ोसी राज्य ओडिशा के भीमपड़ा पहुंच गए। वहां उन्होंने महिलाओं के गले से चेन खींचने की कोशिश की। लेकिन ग्रामीणों ने इन्हें पकड़ लिया और जमकर पीटा। इसके बाद इन्होंने भी पुलिस को इन्हें नहीं सौंपा।

        पूरे गांव के लोग आरोपियों को पुलिस के हवाले करने पहुंची थी।

        पूरे गांव के लोग आरोपियों को पुलिस के हवाले करने पहुंची थी।

        ओडिशा के लोगों ने ग्रामीणों को सौंपा

        ग्रामीणों ने तय किया कि इन तीनों युवकों को कैटपदर के लोगों को सौंप देना चाहिए। उन्हें ही तय करने देना चाहिए कि इनका क्या करना है। इसके बाद रविवार सुबह इन तीनों चोरों को गांव वालों को सौंप दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने फैसला किया कि अब इन्हें पुलिस के हवाले कर देना चाहिए। उनके मां-बाप से भी राय ली गई। आरोपियों के मां-बाप ने भी साफ कह दिया कि हम लोग परेशान हो चुके हैं। आप इन्हें पुलिस के हवाले कर दीजिए।

        पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।

        पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।

        गाड़ी से मिले आपत्तिजनक सामान

        इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ ने इन आरोपियों को पुलिस के हवाले किया। तीनों आरोपियों ने बताया कि उन्होंने चोरी के पैसे से 80 हजार देकर एक कार फाइनेंस करवा ली थी। आस-पास के गांव में चोरी कर पैसे जमा किए थे। इसी पैसे से मजे करते थे। इन्होंने बताया कि लॉकडाउन के बाद से हमने चोरी करना शुरू किया था।

        पुलिस ने कार की तलाशी भी ली है। जिसमें कार के अंदर से आपत्तिजनक सामान मिले हैं। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि इन्होंने किस-किस घर से क्या-क्या चोरी किया था। पुलिस ने आरोपियों से उनकी कार बरामद कर ली है। कुछ नगद भी पुलिस ने इनसे बरामद किया है। इनके पास से करीब 10 गाड़ियों की बैटरी भी मिली है।



                Hot this week

                KORBA : आज से 30 सितंबर तक राशनकार्ड, खाद्यान्न वितरण और शिकायत निराकरण की मिलेगी जानकारी

                ’राशन कार्ड संबंधी समस्या के लिए मो.नं. 9425201983 पर करें संपर्ककोरबा...

                Related Articles

                Popular Categories