बिलासपुर : अबॉर्शन के दौरान तबीयत बिगड़ी, छात्रा की मौत, झोलाछाप डॉक्टर के पास प्रेमी के साथ गई थी; घरवालों से कहा था- एग्जाम देने जा रही

              BILASPUR: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अबॉर्शन के दौरान तबीयत बिगड़ने से कॉलेज छात्रा की मौत हो गई। उसका प्रेमी युवती को अपने रिश्तेदार झोलाछाप डॉक्टर के पास अबॉर्शन कराने ले गया था। गर्भपात के दौरान युवती की तबीयत बिगड़ गई।

              इसके बाद घबराकर डॉक्टर ने उसे सिम्स अस्पताल भेज दिया, जहां इलाज के दौरान युवती ने दम तोड़ दिया। मामला जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र का है। युवती एग्जाम देने की बात कहकर अपने घर से निकली थी।

              झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के चलते गई युवती की जान। (फाइल फोटो)

              झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के चलते गई युवती की जान। (फाइल फोटो)

              BSC फाइनल ईयर की छात्रा थी युवती

              जानकारी के मुताबिक, 21 वर्षीय युवती मुलमुला थाना क्षेत्र में रहती थी। वह अकलतरा के कॉलेज में बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा थी। इस दौरान कॉलेज में ही पढ़ने वाले दिलीप कश्यप से उसकी दोस्ती हो गई। फिर दोनों एक-दूसरे के नजदीक आ गए।

              इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। उसने जब अपने प्रेमी को इसकी जानकारी दी, तब उसने अबॉर्शन कराने के लिए बोला। युवती भी लोक लाज के डर से अबॉर्शन के लिए तैयार हो गई।

              युवती को डॉक्टर भाई के पास ले गया युवक

              बताया जा रहा है कि युवती को उसके प्रेमी दिलीप कश्यप ने 6 अप्रैल को अकलतरा बुलाया था। उसने बताया कि चचेरे भाई और भाभी का पामगढ़ क्षेत्र के ग्राम ससहा में क्लीनिक है, जहां उसकी बात हो गई है। युवती उसकी बातों में आकर ग्राम ससहा चली गई, जहां उसके भाई और भाभी ने अबॉर्शन के लिए दवाइयां दीं। दवाई खाते ही युवती की तबीयत बिगड़ने लगी। जिसके बाद झोलाछाप डॉक्टर और उसकी पत्नी घबरा गए। उन्होंने आनन-फानन में युवती को सिम्स भेज दिया। लेकिन, सिम्स में युवती की मौत हो गई।

              क्लीनिक में घंटों इलाज, सिम्स पहुंचने में देरी से हुई मौत

              गर्भपात की दवाई देने के बाद युवती की तबीयत बिगड़ने लगी, जिस पर झोलाछाप डॉक्टर और उसकी पत्नी उसे कई तरह की दूसरी दवाएं देते रहे। युवती की हालत सुधरने की बजाय और बिगड़ती चली गई। वहीं, कथित डॉक्टर और उसकी पत्नी ने इलाज के बहाने उसे घंटों क्लिनिक में रोके रखा।

              काफी देर के बाद उसे सिम्स भेजा गया, लेकिन युवकी की जान नहीं बच सकी। समय रहते उसे सही इलाज मिल जाता, तो जान बचाई जा सकती थी।

              एग्जाम देने के बहाने घर से निकली थी छात्रा

              युवती की तबीयत बिगड़ने की खबर परिजन को मिली, तो वे हैरान परेशान सिम्स पहुंचे। यहां उन्होंने बताया कि बेटी एग्जाम देने की बात कहकर कॉलेज जाने के लिए निकली थी। जब वो घर नहीं पहुंची, तब परिजन ने उसके मोबाइल पर कॉल भी किया।

              इस पर उसने गाड़ी पंक्चर होने की बात कही। देर शाम तक वह घर नहीं पहुंची, तब परिजन उसके मोबाइल पर लगातार कॉल करते रहे। जब उसकी हालत गंभीर हुई, तब उन्हें इसकी जानकारी मिली।

              पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाई

              सिम्स चौकी प्रभारी गुलाब सोनवानी ने बताया कि अबॉर्शन के दौरान युवती की मौत होने के बाद मर्ग कायम किया गया है। शव के पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन के बयान दर्ज किए गए हैं, जिसमें उन्होंने झोलाछाप डॉक्टर के गर्भपात कराने और गलत इलाज से मौत होने की जानकारी दी है।

              इस मामले की जांच के लिए केस डायरी पामगढ़ थाना भेजी जाएगी।


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