Chhattisgarh : नर हाथी की मौत, जहर देकर मारने की आशंका; एक महीने से ज्यादा समय से उत्पात मचा रहे 34 हाथी

              बलरामपुर-रामानुजगंज: जिले के वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में एक नर हाथी का शव रविवार सुबह फोकली महुआ वनक्षेत्र में मिला है। 34 हाथियों का दल पिछले एक महीने से इलाके में उत्पात मचा रहा है। 2 दिनों पहले हाथियों का ये दल वाड्रफनगर नगरीय क्षेत्र की सीमा में घुस गया था। वहां से खदेड़े जाने के बाद हाथी फोकली महुआ पहुंचे थे। हाथी को जहर देकर मारने की आशंका है।

              3 वेटनरी डॉक्टरों की टीम हाथी का पोस्टमॉर्टम करने पहुंची है। जानकारी के मुताबिक, 34 हाथियों का दल वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में करीब 40 दिनों से घूम रहा है। रविवार रात हाथियों का दल फोकली महुआ क्षेत्र में मौजूद था। रविवार सुबह दल के एक नर हाथी का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृत हाथी करीब 10 साल का था। सूचना पर वाड्रफनगर एसडीओ फॉरेस्ट अनिल सिंह पैकरा के नेतृत्व में वन अमला मौके पर पहुंचा।

              मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारी।

              मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारी।

              शव पर चोट के निशान नहीं, जहर देने की आशंका

              हाथी के शव पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। मृत हाथी के मुंह से खून बाहर निकला है। सामान्यतः यह स्थिति जहरीले पदार्थ के खाने के कारण होती है। आशंका है कि हाथियों के उत्पात से परेशान होकर लोगों ने जहर मिलाकर खाने का सामान रख दिया होगा, जिसे हाथी ने खा लिया।

              3 डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची

              वन विभाग की सूचना पर वेटनरी डॉक्टर देवेंद्र यादव सहित 3 डॉक्टरों की टीम दोपहर में मौके पर पहुंची। वन अधिकारियों की मौजूदगी में तीनों डॉक्टर हाथी के शव का पोस्टमॉर्टम करेंगे। एसडीओ फॉरेस्ट अनिल सिंह पैकरा ने कहा है कि नर हाथी की मौत किस कारण से हुई है, इसका पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

              हाथियों से दूर रहने की सलाह

              हाथियों का दल अब भी पास के जंगल में मौजूद है। ग्रामीणों को वन अमले ने हाथियों के दल से दूर रहने की सलाह दी है। जंगली हाथियों का दल दिन में जंगल में रहकर आराम करते हैं और शाम होते ही भोजन की तलाश में रिहायशी इलाके की तरफ आ रहे हैं।

              फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हाथी

              हाथियों के दल ने वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र के मदनपुर, ककनेसा, पनसारा, कोटरकी, वाड्रफनगर नगर पंचायत क्षेत्र, कैलाशपुर, मेंढारीख गुरुमुखी सहित दर्जनों गांव में 400 किसानों की 300 एकड़ में लगी फसल को रौंद कर तबाह कर दिया है। इन फसलों में गेहूं, चना, मक्का, बाजरा, सरसों जैसी फसल शामिल हैं। किसानों के आतंक से ग्रामीण परेशान हैं।

              5 स्कूलों की करनी पड़ी थी छुट्टी

              हाथियों की मौजूदगी के कारण 23 फरवरी 2024 को वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र के ककनेसा गांव से लगे आसपास के 5 स्कूलों को जिला शिक्षा अधिकारी ने बंद कर दिया गया था। हाथियों से दूर रहने की सलाह के अलावा वन विभाग कुछ भी नहीं कर पा रहा है।


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